Bihar Politics: विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने पर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसा बयान दे दिया कि अब उन्हें सफाई देनी पड़ गई है.
Bihar Politics: बिहार में दो दिन पहले ही नीतीश कुमार ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया था. इस विस्तार में उन्होंने गठबंधन और बिहार में BJP यानि भारतीय जनता पार्टी के बड़े भाई होने का धर्म निभाते हुए 7 BJP विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया. अब दो दिन बाद ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने पर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसा बयान दे दिया कि अब उन्हें सफाई देनी पड़ गई है. ऐसे में बड़ा सवाल बन गया है कि बिहार विधानसभा के चुनाव के बाद क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन पाएंगे?
दिलीप जायसवाल ने बदला बयान
BJP के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को एक निजी चैनल से बात करते हुए कह दिया कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री पद का फेस कौन होगा, यह BJP संसदीय बोर्ड और NDA के अन्य घटक दल मिलकर तय करेंगे.
दिलीप जायसवाल ने ही नहीं, बल्कि BJP के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रेम कुमार से भी जब पूछा गया, तो उन्होंने भी कहा कि अभी हम चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेंगे. चुनाव के बाद क्या होगा, यह पार्टी के संसदीय बोर्ड और विधायक तय करेंगे. अभी यह नहीं कहा जा सकता.
उन्होंने आगे कहा कि यह संसदीय बोर्ड तय करता है और घटक दल तय करते हैं. दोबारा उनसे पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे, तो उन्होंने कहा कि यह अभी कैसे कहा जाए यह पार्टी के घटक दल और BJP संसदीय बोर्ड तय करेगी. अब मामले को तूल पकड़ता देख दिलीप जायसवाल ने अपना बयान बदल लिया.
उन्होंने शुक्रवार को ही कहा कि मुख्यमंत्री दिलीप जायसवाल तय नहीं करते, बल्कि पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करती है. मीडिया मेरे बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रही है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में अभी सरकार चल रही है. उनके नेतृत्व में ही हम चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी बिहार चुनाव में NDA का स्लोगन भी ‘2025, फिर से नीतीश’ ही है.
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निशांत कुमार भी कर रहे हैं मांग
BJP के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि यह तो नीतीश कुमार को तय करना है कि BJP के प्रदेश अध्यक्ष इस तरह का बयान क्यों दे रहे हैं. गौरतलब है कि दो दिन पहले ही गठबंधन धर्म निभाया था और 7 BJP विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया था.
नीतीश कुमार की पार्टी JDU यानि जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके गठबंधन धर्म की सबसे बड़ी खासियत है. नीतीश कुमार को एक रोल मॉडल के रूप में जाना जाता है और विपक्ष को अपने बारे में चिंतित होना चाहिए, खासकर 2025 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए.
उन्होंंने आगे कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार की आलोचना करने के बजाय उन्हें अपना ख्याल रखना चाहिए. वहीं, नीतीश कुमार के लाडले बेटे निशांत कुमार भी खुलकर अपने पिता के पक्ष में बातें कर रहे हैं. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने JDU और BJP के नेतृत्व वाले NDA से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करें.
ऐसे में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के पॉलिटिकल एंट्री की संभावना से भी बिलकुल इन्कार नहीं किया जा सकता है. बता दें कि इसी साल के अंत तक बिहार में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से पहले इस तरह के बयानों से सियासी हलचल बढ़ती जा रही है.
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