Home Religious आज का पंचांग, 31 मार्च 2025, सोमवार के दिन जानिए क्या रहेंगे शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि और योग

आज का पंचांग, 31 मार्च 2025, सोमवार के दिन जानिए क्या रहेंगे शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि और योग

by Rishi
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Aaj-Ka-Panchang

Aaj Ka Panchang: सूर्योदय और चंद्रोदय के समय की बात करें तो, आज सूर्योदय प्रातः 06:12 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 06:38 बजे होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय प्रातः 07:12 बजे होगा और इसका अस्त रात्रि 09:01 बजे होगा.

31 March, 2025

Aaj Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो सुबह 09:11 बजे तक रहेगी. इसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 1 अप्रैल को सुबह 05:42 बजे तक चलेगी। यह दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि आज मत्स्य जयंती, गौरी पूजा, गणगौर, स्वायंभुव मन्वादि जैसे पर्व मनाए जाएंगे। इसके साथ ही आज गण्ड मूल, रवि योग और विडाल योग भी बन रहे हैं, जो ज्योतिषीय दृष्टि से प्रभावशाली माने जाते हैं। सोमवार का दिन शिव जी की उपासना के लिए उत्तम होता है, और इस दिन व्रत रखने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस दिन गणगौर पर्व भी विशेष रूप से मनाया जाता है, जो सुहागिन महिलाओं के लिए अति महत्वपूर्ण होता है.

सूर्योदय और चंद्रोदय के समय की बात करें तो, आज सूर्योदय प्रातः 06:12 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 06:38 बजे होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय प्रातः 07:12 बजे होगा और इसका अस्त रात्रि 09:01 बजे होगा। आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा, जिससे मेष राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, सूर्य आज मीन राशि में स्थित रहेगा। सूर्य का नक्षत्र उत्तर भाद्रपद दोपहर 02:08 बजे तक रहेगा, जिसके बाद रेवती नक्षत्र प्रभावी होगा। वहीं, चंद्रमा का नक्षत्र अश्विनी दोपहर 01:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद भरणी नक्षत्र प्रभावी हो जाएगा।

तिथिद्वितीया – 09:11 AM तक, तृतीया – 05:42 AM, 1 अप्रैल तक
नक्षत्रअश्विनी – 01:45 PM तक, फिर भरणी नक्षत्र
योगवैधृति – 01:46 PM तक, फिर विष्कम्भ योग
करणकौलव – 09:11 AM तक, तैतिल – 07:24 PM तक, फिर गर
सूर्योदय06:12 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय07:12 AM
चन्द्रास्त09:01 PM
वारसोमवार
पक्षशुक्ल पक्ष
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिमीन
सूर्य नक्षत्रउत्तर भाद्रपद – 02:08 PM तक, फिर रेवती
शुभ मुहूर्तब्रह्म मुहूर्त: 04:40 AM – 05:26 AM, अभिजीत मुहूर्त: 12:01 PM – 12:50 PM, विजय मुहूर्त: 02:30 PM – 03:19 PM
अशुभ समयराहुकाल: 07:46 AM – 09:19 AM, यमगंड: 10:52 AM – 12:25 PM, गुलिक काल: 01:59 PM – 03:32 PM
रवि योग01:45 PM – 02:08 PM
दिशा शूलपूर्व दिशा
राहु वासउत्तर-पश्चिम
अग्निवासआकाश – 09:11 AM तक
गण्ड मूल06:12 AM – 01:45 PM तक
आज के पर्वमत्स्य जयंती, गौरी पूजा, गणगौर, स्वायंभुव मन्वादि

शुभ मुहूर्त की बात करें तो, आज ब्रह्म मुहूर्त 04:40 बजे से 05:26 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त 12:01 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा, जो किसी भी कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा, विजय मुहूर्त 02:30 बजे से 03:19 बजे तक रहेगा, जो नए कार्यों की शुरुआत और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है। आज गोधूलि मुहूर्त 06:37 बजे से 07:00 बजे तक रहेगा, जो यात्रा और खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। निशिता मुहूर्त 12:02 बजे से 12:48 बजे तक रहेगा, जो रात के समय किए जाने वाले अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त होता है।

अशुभ समय की बात करें तो, आज राहुकाल सुबह 07:46 बजे से 09:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, यमगंड काल 10:52 बजे से 12:25 बजे तक रहेगा, और गुलिक काल 01:59 बजे से 03:32 बजे तक रहेगा। ये दोनों समय भी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अशुभ माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, आज विडाल योग सुबह 06:12 बजे से दोपहर 01:45 बजे तक रहेगा, जो कुछ कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता है। गण्ड मूल भी सुबह 06:12 बजे से दोपहर 01:45 बजे तक रहेगा, जिसका विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।

आज दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना आवश्यक हो, तो घी या गुड़ खाकर यात्रा करना शुभ माना जाता है। राहु का वास उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा, जिससे इस दिशा में भी सतर्क रहना चाहिए। आज अग्निवास आकाश में रहेगा, जो अग्नि तत्व से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतने की ओर संकेत करता है।

आज का विशेष योगों में रवि योग दोपहर 01:45 बजे से 02:08 बजे तक रहेगा, जो किसी भी कार्य को सफल बनाने के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अतिरिक्त, आज आनंदादि योग में “राक्षस” योग रहेगा, जो दोपहर 01:45 बजे तक अशुभ माना जाता है। इसके बाद चर योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम रहेगा। तमिल योग में मरण योग दोपहर 01:45 बजे तक रहेगा, जिसके बाद सिद्ध योग प्रभावी होगा।

ये भी पढे़ं..चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन हाती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और सब कुछ

आज मनाए जाने वाले पर्वों की बात करें तो, मत्स्य जयंती विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह जयंती भगवान विष्णु के पहले अवतार “मत्स्य” के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और शांति आती है। इसके अलावा, गणगौर पर्व विशेष रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Note- यह पंचांग जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी शुभ या धार्मिक कार्य से पहले योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें।

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