हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक छोकर और उनके बेटे धोखाधड़ी में फंस गए हैं. ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक और उनके बेटों की 44 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है.
NEW DELHI: हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक छोकर और उनके बेटे धोखाधड़ी में फंस गए हैं. ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक और उनके बेटों की 44 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर ली है. ED ने यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग के तहत की है. ED अफसरों ने 96 लाख रुपये की सावधि और बैंक जमा भी कुर्क की है. इसके अलावा खातों में लेनदेन पर भी रोक लगा दी गई है.
96 लाख रुपये की सावधि जमा भी जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि उसने गुरुग्राम में 1,500 घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत हरियाणा के पूर्व कांग्रेस विधायक धरम सिंह छोकर और उनके व्यवसायी बेटों की 44 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. ED ने एक बयान में कहा कि बुधवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि, 2,487 वर्ग मीटर वाणिज्यिक भूखंड, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत में स्थित 8 आवासीय फ्लैटों को कुर्क करने के लिए एक अनंतिम आदेश जारी किया गया था. इसी आदेश के तहत 96 लाख रुपये की सावधि और बैंक जमा भी कुर्क की गई है.
पानीपत जिले की समालखा विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं धरम सिंह छोकर
ED ने कहा कि कुल 44.55 करोड़ रुपये की ये संपत्तियां छोकर, उसके बेटों विकास छोकर (जो फरार है) और सिकंदर छोकर (जो जमानत पर है) तथा उनकी कंपनी साईं आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है. ED ने इस मामले में पिछले साल 36 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की थीं. धरम सिंह छोकर पानीपत जिले की समालखा विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं. हालांकि वे पिछले साल इसी सीट से विधानसभा चुनाव हार गए थे. छोकर पर 1,500 से ज़्यादा घर खरीदने वालों को धोखा देने और उनसे 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम हड़पने का आरोप है.
ED ने कहा कि कई गैर-जमानती वारंट के बाद गुरुग्राम की एक विशेष PMLA अदालत ने धरम सिंह छोकर और विकास छोकर के खिलाफ़ आदेश जारी कर 19 मई को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है. मनी लॉन्ड्रिंग में गुरुग्राम पुलिस द्वारा साईं आइना फ़ार्म्स और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ़ FIR दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ़ आरोप है कि उन्होंने बाहरी और आंतरिक विकास कार्यों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए फर्जी बैंक गारंटी सहित जाली दस्तावेज़ जमा किया है.
ED ने कहा कि यह धोखाधड़ी गतिविधि गुरुग्राम के सेक्टर 68, 103 और 104 में वादा किए गए किफायती आवास परियोजनाओं के संबंध में की गई थी और कंपनी ने 3,700 घर खरीदारों से लगभग 616 करोड़ रुपये एकत्र किए. हालांकि, कंपनी वादा किए गए समय सीमा के भीतर घरों को देने में विफल रही और धन का दुरुपयोग किया.
धन को कंपनी के निदेशकों और प्रमोटरों ने व्यक्तिगत लाभ के लिए किया उपयोग
जांच में पाया गया कि घर खरीदारों से एकत्र किए गए धन को कंपनी के निदेशकों और प्रमोटरों द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग किया गया था, जबकि कुछ धन को अन्य समूह संस्थाओं को ऋण के रूप में दिया गया था, जो वर्षों तक बकाया रहा. ED द्वारा अप्रैल 2024 में सिकंदर सिंह छोकर, उनसे जुड़ी कंपनियों जैसे माहिरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, डीएस होम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और कुछ अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था.
ये भी पढ़ेंः जुमे की अलविदा नमाज के चलते यूपी समेत कई जगहों की बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रशासन हुआ अलर्ट