हरियाणा के कुरुक्षेत्र में शनिवार को धार्मिक आयोजन के दौरान बवाल हो गया. भोजन की गुणवत्ता की शिकायत करने पर सुरक्षा गार्ड ने गोली चला दी. जिससे एक नाबालिग लड़का गोली लगने से घायल हो गया.
Kurukshetra (Haryana): हरियाणा के कुरुक्षेत्र में शनिवार को धार्मिक आयोजन के दौरान बवाल हो गया. भोजन की गुणवत्ता की शिकायत करने पर सुरक्षा गार्ड ने गोली चला दी. जिससे एक नाबालिग लड़का गोली लगने से घायल हो गया. घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया. सूचना पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया.
इस संबंध में अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि घटना से गुस्साए बड़ी संख्या में ब्राह्मण,जो यज्ञ में अनुष्ठान करने आए थे, ने कुरुक्षेत्र-पेहोवा मार्ग को जाम कर दिया. पुलिस ने कहा कि मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास जारी है. मालूम हो कि महायज्ञ का आयोजन कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में त्रिपुरा शक्तिपीठ, मणिकूट के श्री श्री 1008 स्वामी हरिओम द्वारा किया जा रहा है. दिनभर चलने वाले इस आयोजन में अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में ब्राह्मण पहुंचे हैं.
पुलिस ने बताया कि शनिवार को कुछ ब्राह्मणों ने परोसे जा रहे भोजन की घटिया गुणवत्ता की शिकायत की. इससे ब्राह्मणों और स्वामी हरिओम के बीच कहासुनी हो गई. उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने आरोप लगाया कि हरिओम के सुरक्षा गार्ड ने उन पर गोली चलाई. पुलिस ने कहा कि गुस्साए ब्राह्मणों ने इसके बाद कार्यक्रम के पोस्टर फाड़ दिए और पथराव किया. पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि लखनऊ के 16 वर्षीय आशीष कुमार को गोली लगी है.
‘1008 कुंड यज्ञ’ को बाधित करने की कोशिशः स्वामी हरिओम
एसपी ने कहा कि पथराव के दौरान उत्तर प्रदेश निवासी प्रिंस नामक व्यक्ति भी घायल हो गया है. उन्होंने बताया कि अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इस बीच, स्वामी हरिओम ने आरोप लगाया कि कुछ बेईमानतत्वों ने पिछले चार दिनों से यहां चल रहे ‘1008 कुंड यज्ञ’ को बाधित करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि ‘भंडारा’ (रसोई) कैथल से उनके अनुयायियों द्वारा संचालित किया जा रहा था और पिछले चार दिनों में कोई शिकायत नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि शनिवार को कुछ ब्राह्मणों ने अचानक भोजन को लेकर आपत्ति जतानी शुरू कर दी और अन्य ने उनका समर्थन किया, जिससे अशांति फैल गई. हरिओम ने कहा कि इस मामले पर सौहार्दपूर्ण तरीके से चर्चा की जानी चाहिए थी, न कि चल रहे ‘यज्ञ’ को बाधित करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि करीब 800 ब्राह्मण अभी भी अनुष्ठान कर रहे हैं.
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