Home Latest आखिर क्यों बढ़ाई गई है सांसदों की सैलरी? किस आधार पर हुआ 24% की बढ़ोतरी, पेंशन में भी अच्छी बढ़त

आखिर क्यों बढ़ाई गई है सांसदों की सैलरी? किस आधार पर हुआ 24% की बढ़ोतरी, पेंशन में भी अच्छी बढ़त

by Live Times
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MP’s Salary Hike: सांसदों के वेतन में वृद्धि हुई है. ये बढ़त उस टाइम पर हुई है जब आम लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान हैं.

MP’s Salary Hike: सांसदों के वेतन में वृद्धि हुई है. ये बढ़त उस टाइम पर हुई है जब आम लोग अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान हैं.

MP’s Salary Hike: सरकार ने सांसदों के वेतन और पेंशन में वृद्धि की है. इस बढ़त उस समय की गई है जब आम लोग अपनी जरूरतों के लिए काफी परेशान हैं. सरकार ने सांसदों के सैलरी में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. यह बढ़ोतरी रेस्ट्रोस्पेक्टिव इफेक्ट से 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा. अपने इस फैसले के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि सांसदों के वेतन और पेंशन में बढ़त का ये फैसला कॉस्ट ऑफ लिविंग और इंफ्लेशन रेट को ध्यान में रखकर लिया गया है.

कितनी बढ़ी है सैलरी

आपको बता दें कि सांसदीय मामलों के मंत्रालय के अधिसूचना के आधार पर सांसदों का मासिक वेतन 1 लाख रुपये प्रति माह से बढ़कर 1.24 लाख रुपये हो गया है, जबकि उनका दैनिक भत्ता 2,000 रुपये से 25% बढ़कर 2,500 रुपये कर दिया गया है. वहीं, पूर्व सांसदों की पेंशन में भी वृद्धि की गई है. इसे 24 प्रतिशत बढ़ाकर 25000 रुपये से 31000 रुपये प्रति माह कर दिया है.

क्या है इस अधिसूचना में?

अधिसूचना के अनुसार अप्रैल, 2018 के बाद से ये पहला संशोधन है, जिसका उद्देश्य सांसदों के सैलरी को मुद्रास्फीति के साथ लेकर आना है. वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्लान इम्प्लांटेशन के डेटा के मुताबिक, साल 2022-23 में भारत की अनुमानित प्रति व्यक्ति आय 1.72 रुपये लाख या लगभग 14,333 रुपये प्रति माह थी. इन आंकड़े बताते हैं कि अब एक पूर्व सांसद को भी एक आम भारतीय की औसत आय से दोगुनी पेंशन मिलती है, जबकि एक वर्तमान सांसद की आय एक आम भारतीय की आय से लगभग 9 गुना ज्यादा है.

सांसद और आम जनता के बीच बढ़ी असमानता

गौरतलब है कि सांसद और आम जनता के बीच बढ़ी असमानता के चलते कई सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सांसदों को संसद सत्र के दौरान कई लाभ मिलते हैं जैसे कि निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, मुफ्त यात्रा और मुफ्त सरकारी आवास जैसी सुविधाएं शामिल हैं. सरकार का ये फैसला उस समय में लिया गया है जब आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है. वहीं, अगर पिछले वित्त वर्ष की बात करें तो ज्यादातर समय भारत में खुदरा महंगाई दर भारतीय रिजर्व बैंक के निर्धारित 4 प्रतिशत के स्तर से ऊपर रही. खाद्य पदार्थों की कीमतों ने भी आसमान छुआ.

एक सांसद पर हर साल इतना आएगा खर्च

यहां आपको बता दें कि सांसदों की पेंशन और सैलरी में बढ़त के बाद से सांसदों पर सरकार का पूरे साल में व्यय काफी बढ़ गया है. अब हर एक सांसद पर सरकारी खजाने से हर साल लगभग 42.9 लाख रुपये का खर्च आएगा. इनमें उनके वेतन, भत्ते और सुविधाओं पर होने वाला खर्च शामिल है. वेतन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी से ही सांसदों का सालाना वेतन व्यय 14.8 लाख रुपये हो गया है. इसके अलावा सांसदों को 2,500 रुपये का दैनिक भत्ता भी मिलेगा.

यह भी पढ़ें: निलंबित IAS अधिकारी के मामले में अखिलेश की यूपी सरकार को दो -टूक, लगाए गंभीर आरोप

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