ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख दे्खने को मिला, जिससे निवेशकों में हाहाकार मच गया. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 1000 अंकों तक फिसल गया.
MUMBAI: ट्रंप की टैरिफ धमकियों के बाद वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख दे्खने को मिला, जिससे निवेशकों में हाहाकार मच गया. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 1000 अंकों तक फिसल गया. दूसरी ओर निफ्टी भी लगभग 300 अंकों तक टूट गया. सेंसेक्स 940.77 (1.26%) अंक गिरकर 73,703.80 के स्तर पर पहुंच गया. दूसरी ओर निफ्टी 272.96 (1.21%) अंक टूटकर 22,272.10 पर कारोबार करता दिखा.
ट्रंप द्वारा चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ की नवीनतम घोषणा के बाद निवेशकों को परेशान करने वाले बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को गिरावट आई, जो वैश्विक बाजारों में भारी कटौती को दिखा रहा है. विदेशी फंडों की लगातार निकासी ने भी निवेशकों को परेशान कर दिया है. दोपहर के कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला BSE बेंचमार्क सेंसेक्स 1,073.48 अंक गिरकर 73,538.95 पर पहुंच गया. NSE निफ्टी 327.55 अंक लुढ़ककर 22,217.50 पर आ गया.
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, टाइटन, इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, एचसीएल टेक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सबसे ज्यादा पिछड़ गए.जबकि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदानी पोर्ट्स पैक से लाभ में रहे. उधर, एशियाई बाजारों में सियोल, टोक्यो, शंघाई और हांगकांग भारी कटौती के साथ कारोबार कर रहे थे. गुरुवार को अमेरिकी बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुए. वैसे भी शेयर बाजार को अनिश्चितता पसंद नहीं है.
चीन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ की घोषणा से बाजार प्रभावित
ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से अनिश्चितता बढ़ रही है. ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणाओं का बाजार पर असर पड़ रहा है और चीन पर अतिरिक्त 10% टैरिफ की नवीनतम घोषणा बाजार को प्रभावित कर रहा है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि चीन टैरिफ के नवीनतम दौर पर कैसे प्रतिक्रिया देता है यह देखना बाकी है. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 556.56 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची.
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत गिरकर 73.56 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.चार्टर्ड मार्केट तकनीशियन, सीएफटीई, स्टॉक्सबॉक्स के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक अमेय रणदिवे ने कहा KF वॉल स्ट्रीट पर भारी बिकवाली के बाद शुक्रवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई, क्योंकि व्यापारी एनवीडिया कॉर्प के निराशाजनक नतीजों, अमेरिकी टैरिफ और मिश्रित आर्थिक आंकड़ों पर अधिक जानकारी से जूझ रहे थे.
मालूम हो कि BSE सेंसेक्स गुरुवार को 10.31 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 74,612.43 पर बंद हुआ. Nifty 2.50 अंक या 0.01 प्रतिशत फिसलकर 22,545.05 पर पहुंच गया,जो शुक्रावर को गिरावट का सातवां दिन है. शेयरों में तीव्र गिरावट के बाद BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण शुक्रवार सुबह के कारोबार में 7,46,647.62 करोड़ रुपये घटकर 3,85,63,562.91 करोड़ रुपये (4.42 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) रह गया.
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