Nirmala Sitharaman: निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी भगोड़े का लोन माफ नहीं किया है, बल्कि उसे बट्टे खाते में डाला गया है और वसूली की प्रक्रिया जारी है.
Nirmala Sitharaman: भारतीय बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज लेकर विदेश भागने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को राज्यसभा में यह स्पष्ट किया. उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि सरकार ने इन भगोड़ों के लोन को माफ कर दिया है. वित्त मंत्री ने बताया कि अब तक ऐसे मामलों में 749.83 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
बैंकों की स्थिति में सुधार, एनपीए में आई गिरावट
वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 में देश की बैंकिंग व्यवस्था दबाव में थी और भारत को कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था. लेकिन मोदी सरकार ने कई महत्वपूर्ण सुधार किए, जिससे बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती मिली. उन्होंने कहा कि सितंबर 2024 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का एनपीए घटकर 2.5 प्रतिशत के न्यूनतम स्तर पर आ गया है. उन्होंने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष में 1.41 लाख करोड़ रुपये का लाभ कमाया, जो अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा वित्त वर्ष में बैंक और ऊंचाई छुएंगे.
लोन माफ नहीं, वसूली के प्रयास जारी
निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी भगोड़े का लोन माफ नहीं किया है, बल्कि उसे बट्टे खाते में डाला गया है और वसूली की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय ने अब तक करीब 22,280 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर अदालत के आदेश से वैध दावेदारों को लौटा दी है.
31 दिसंबर 2024 तक नौ लोग घोषित किए गए भगोड़ा आर्थिक अपराधी
वित्त मंत्री ने बताया कि 31 दिसंबर 2024 तक नौ लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया और उनकी 749.83 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली गई है. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी आर्थिक अपराधी को बचने नहीं देगी और इस दिशा में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
बैंकों के एनपीए में भारी कमी
सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार के प्रयासों से सार्वजनिक बैंकों का सकल एनपीए अनुपात दिसंबर 2024 में 2.85 प्रतिशत पर आ गया है, जो मार्च 2018 में 14.58 प्रतिशत था. उन्होंने बताया कि सरकार की प्रत्यक्ष नकदीकरण नीति से छोटे किसानों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है.
मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त योजनाएं लागू कीं
वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार के शासनकाल में मनरेगा, किसान ऋण माफी योजना और खाद्य सुरक्षा योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ करता था. लेकिन मोदी सरकार ने इन योजनाओं को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता से लागू किया, जिससे लाभार्थियों तक सीधा फायदा पहुंचा.
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