North Korea Dictator Kim Jong Un Nuclear Submarine: नॉर्थ कोरिया ने परमाणु हथियार सक्षम पनडुब्बी को पहली बार दुनिया के सामने दिखा दिया है.
North Korea Dictator Kim Jong Un Nuclear Submarine: नॉर्थ कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन अमेरिका और साउथ कोरिया के खिलाफ एटमी जंग के लिए तैयार हो रहा है. इसी क्रम में नॉर्थ कोरिया ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली और परमाणु हथियार सक्षम पनडुब्बी को पहली बार दुनिया को दिखाया है. परमाणु हथियार सक्षम पनडुब्बी के सामने आने आने पर माना जा रहा है कि यह साउथ कोरिया और अमेरिका के लिए बड़ा सुरक्षा खतरा पैदा कर सकती है.
एक बार में 10 मिसाइलें ले जाने में सक्षम
दरअसल, नॉर्थ कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी KCNA यानि कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने शनिवार को तस्वीरें जारी की हैं. इसमें एक परमाणु ऊर्जा चलने वाले रणनीतिक निर्देशित मिसाइल पनडुब्बी दिखाई गई. KCNA ने यह भी बताया कि नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने पनडुब्बी के साथ प्रमुख शिपयार्डों के दौरे भी किए.
इन्हीं शिपयार्डों में युद्धपोतों का निर्माण किया जाता है. KCNA ने इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी. इस मामले पर साउथ कोरिया के सियोल स्थित हानयांग विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले पनडुब्बी विशेषज्ञ मून क्यून-सिक ने दुनिया को हैरान करने वाली जानकारी दी. उन्होंने बताया कि तस्वीरों में दिखाई दे रही पनडुब्बी लगभग 6,000 या 7,000 टन वजनी लग रही है. ऐसे में यह एक बार में लगभग 10 मिसाइलें ले जाने में सक्षम हो सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक निर्देशित मिसाइलों शब्द का अर्थ है कि यह परमाणु हथियार ले जाने में पूरी तरह से सक्षम है. उन्होंने अमेरिका और साउथ कोरिया के लिए चेताते हुए कहा कि यह हमारे और अमेरिका के लिए बहुत बड़ा खतरा होगा. माना जा रहा है कि नॉर्थ कोरिया की ओर से पानी के नीचे से मिसाइल दागने की क्षमता को पा लेना चिंताजनक है, क्योंकि इस तरह के हमलों का पहले से पता लगा पाना कठिन है.
बता दें कि कुछ दिनों पहले ही नॉर्थ कोरिया ने क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया था. इसके जवाब में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत रविवार को शक्ति प्रदर्शन के लिए दक्षिण कोरिया पहुंचा था. साउथ कोरियाई नौसेना ने एक बयान में कहा कि USS कार्ल विंसन और उसके विध्वंसक समूह का आना दोनों देशों के सैन्य गठबंधन को प्रदर्शित करता है. साथ ही कहा कि उत्तर कोरिया के लगातार खतरों के सामने यह बहुत बड़ा कदम है. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि नॉर्थ कोरिया भड़क सकता है.
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रूस पर लगा मदद करने का आरोप
इसके बाद से ही माना जा रहा था कि नॉर्थ कोरिया भड़क सकता है. वहीं, मून क्यून-सिक ने संदेह जताते हुए कहा कि रूसी टेक्नोलॉजी की मदद से इस पनडुब्बी को बनाया जा रहा है. पनडुब्बी में इस्तेमाल होने वाले परमाणु रिएक्टर का निर्माण रूसी टेक्नोलॉजी के जरिए किया है. दरअसल, यूक्रेन के साथ युद्ध में किम जोंग उन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को हथियार और सैनिक उपलब्ध कराएं हैं.
अब माना जा रहा है कि इसे एक या दो साल लॉन्च कर दिया जाएगा. बता दें कि साल 2021 में तानाशाह किम जोंग उन ने परमाणु हथियार से लैस अत्याधुनिक हथियार बनाने की कसम खाई थी. इसमें पनडुब्बी के साथ ठोस ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार, जासूसी उपग्रह और बहु-वारहेड मिसाइलें भी शामिल हैं.
तानाशाह ने अमेरिका से निपटने के लिए यह फैसला लिया था. इसमें से कई हथियारों पर काम भी शुरू हो चुका है. एक अनुमान के मुताबिक दुनिया के सबसे बड़े बेड़े में से एक नार्थ कोरिया के पास 70-90 डीजल से चलने वाली पनडुब्बियां हैं. हालांकि, इनमें ज्यादातर पुरानी हैं, जो मिसाइल छोड़कर सिर्फ टॉरपीडो और माइंस ही दाग सकती हैं. बता दें कि नॉर्थ कोरिया ने साल 2016 से अब तक कई बार पानी के अंदर और बाहर बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है. ऐसे में अब परमाणु हथियार सक्षम पनडुब्बी के सामने आने के बाद तनाव बढ़ सकता है.
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