योगी सरकार सूबे में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.सरकार का मानना है कि स्वस्थ व विकसित समाज के लिए अच्छी शिक्षा का होना जरूरी है.
LUCKNOW: योगी सरकार सूबे में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.सरकार का मानना है कि स्वस्थ व विकसित समाज के लिए अच्छी शिक्षा का होना जरूरी है. इसी कड़ी में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा आयोजित समारोह में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की आधारशिला रखी.
इसके अलावा ‘सम्पूर्ण’ नामक एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल का भी विमोचन किया गया, जो शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को नई दिशा देगा. समारोह में ‘चहक’ और ‘परिकलन’ कार्यपुस्तिकाओं की शुरुआत भी हुई, जो बच्चों में बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता को मजबूत करेगी. इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने घोषणा की कि शिक्षक प्रशिक्षण को और व्यापक बनाने के लिए दूसरे चरण में 15 और डायट्स को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है.
इस मौके पर पंचम राज्य स्तरीय कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 53 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. SCERT परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे. कहा कि प्रदेश में बेसिक शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है.
शिक्षा के क्षेत्र में यूपी सभी प्रदेशों से रहे आगेः संदीप सिंह
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि शिक्षा के क्षेत्र में यूपी सभी प्रदेशों से आगे रहे. यहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है. 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने तक ही हम रुकेंगे नहीं, दूसरे चरण की तैयारी भी कर रहे हैं. आने वाले समय में 15 और डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण का दायरा और व्यापक होगा.
सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक संस्थानों को सशक्त बनाया जाए तथा शिक्षा के क्षेत्र में यूपी कीर्तिमान स्थापित करे. विशिष्ट अतिथि एवं वित्त,माध्यमिक तथा बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग में शुरू किए गए कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी.
उन्होंने आश्वस्त किया कि धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. वहीं महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण आवश्यक है. इसी कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत डायट भवनों की स्थापना महत्वपूर्ण है. उन्होंने जोर दिया कि एक अच्छा माहौल ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित कर सकता है.
इन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों का हुआ शिलान्यास
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत चयनित जिन 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों का शिलान्यास हुआ, उनमें अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, आगरा, कुशीनगर, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, बाराबंकी, गोरखपुर, कानपुर देहात और प्रयागराज शामिल हैं.
53 उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार
पंचम राज्य स्तरीय कला,क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिन 53 प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया. उनमें प्राथमिक स्तर पर भाषा के लिए 10,प्राथमिक स्तर पर गणित के लिए 10,उच्च प्राथमिक स्तर पर विज्ञान के लिए 11,उच्च प्राथमिक स्तर पर गणित के लिए 12 और उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विज्ञान के लिए 10 प्रतिभागी शामिल रहे.
क्या है ‘चहक’ और ‘परिकलन’
एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने बताया कि’ चहक’ और ‘परिकलन’ कार्यपुस्तिकाएं 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं. ये बुनियादी साक्षरता और गणितीय दक्षता को बढ़ावा देने में सहायक होंगी.
प्राथमिक शिक्षकों के लिए ‘सम्पूर्ण’ मॉड्यूल उपयोगी
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि ‘सम्पूर्ण’ मॉड्यूल, प्राथमिक शिक्षकों के व्यावसायिक विकास और क्षमता संवर्धन के लिए तैयार किया गया है। इसमें शिक्षण कौशल, कक्षा प्रबंधन, मूल्यांकन, नैतिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, कला एवं संगीत, पपेट्री, खेल-कूद एवं स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है.
डॉ. सचान ने बताया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत प्रदेश में डायट संस्थानों के सशक्तिकरण के लिए 2024-25 के अंतर्गत चरण-1 में प्रदेश के 13 डायटों को दिसंबर 2023 में पीएबी द्वारा 103.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है. इन डायटों में अलीगढ़, आगरा, गोरखपुर, बाराबंकी, कानपुर देहात, जौनपुर, कुशीनगर, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ शामिल रहे.
फिर वर्ष 2025-26 के अंतर्गत चरण-2 में 15 और डायटों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं, जिनका पीएबी द्वारा अप्रैज़ल किया जाना है. इस चरण में गाजीपुर, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, मथुरा, प्रतापगढ़, भदोही, आजमगढ़, उन्नाव, हाथरस, कानपुर नगर, सुल्तानपुर, फिरोजाबाद, श्रावस्ती, बागपत और कौशांबी के डायट संस्थान शामिल किए गए हैं.
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लखनऊ से राजीव ओझा की रिपोर्ट