Mayawati Birthday Special : मायावती ने अपने जन्मदिन के मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बुक लॉन्च की. यह किताब मुख्य रूप से BSP के संघर्षों के दिनों पर आधारित है.
Mayawati Birthday Special : बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती का 69 वर्ष की हो गई हैं. उनका जन्म 15 जनवरी 1956 को दिल्ली में हुआ. अपने जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. जहां उन्होंने एक ब्लू बुक लॉन्च की जिसमें BSP के संघर्ष को दिनों के बारे में बताया गया है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला. मायावती ने कहा कि BSP ने गरीबों को लाभ पहुंचाया है जबकि कांग्रेस नेताओं ने छलावा किया हैं और आरक्षण को खत्म करने में लगी है. वहीं, SP नीले कपड़े पहनकर नौटंकी करती रहती है.
सीएम योगी ने दी बधाई
जन्मदिन के खास मौके पर मायावती को कई दिग्गज नेताओं को बधाई दी है. इसमें मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को जन्मदिन की हार्दिक बधाई! प्रभु श्री राम से आपके लिए दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना है.
अखिलेश ने दी जन्मदिन पर शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बधाई दी. उन्होंने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल की पोस्ट में लिखा कि मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं. वहीं, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी (Nitin Gadkari) ने अपने एक्स हैंडल पर कहा कि बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं. आप स्वस्थ और दीर्घायु रहें, ईश्वर से यही कामना करता हूं.
मायावती का राजनीति संघर्ष
दलित महिला मुख्यमंत्री बनने का टैग आज भी मायावती के नाम पर ही है. वह देश के सबसे बड़े प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रही हैं और चौथी बार उन्होंने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर 5 साल का कार्यकाल पूरा किया. वहीं, राजनीति में उनका सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग काफी कारगर साबित हुआ था. आमतौर पर बहुजन समाज पार्टी दलितों की पार्टी मानी जाती है लेकिन उन्होंने ब्राह्मण वोट को अपनी ओर आकर्षित कर जब पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई तो उस दौरान राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया था.
पूर्व CM ने बनाया राजनीति में दबदबा
15 जनवरी, 1956 को जन्म लेने वाली मायावती के बारे में किसी को नहीं था कि वह दलित राजनीति को मुख्यधारा में लाकर सत्ता पर काबिज हो जाएंगी. मायावती के पिता प्रभु दयाल दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में सरकारी कर्मचारी थे और मां गृहिणी थी. इसके बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री ने अच्छी तालीम हासिल की और उन्हें स्कूल में कम बोलने वाली असाधारण लड़की कहकर याद करते हैं.
बिजनौर से जीती पहली बार चुनाव
कांशीराम ने 14 अप्रैल, 1984 को बहुजन समाज पार्टी को लॉन्च किया. इसके बाद पार्टी अपने संघर्षों से गुजरते हुए हर राजनीतिक अवसर का फायदा उठाने में लग गईं. इसी बीच खुद को खतरे के बीच दृढ़वादी सिद्धांत से हटकर लिबरल पर जोर देने लग गई. 1990 में BSP एक आंदोलन से राजनीतिक पार्टी के रूप में बदल गई. इसके बाद ही दूसरी पार्टियों के गठबंधन के साथ BSP ने राजनीतिक हासिल की. वहीं, मायावती ने चुनावी राजनीति में पहला कदम 1984 में रखा और वह कैराना लोकसभा सीट से अपनी नौकरी छोड़कर लोकसभा चुनाव लड़ी लेकिन वह हार गईं. इसी बीच वह तीसरा स्थान पाने में कामयाब रहीं. इसके बाद मायवती ने साल 1989 के लोकसभा में उम्मीदवार के रूप में बिजनौर से चुनाव लड़ा और उन्होंने दलित-मुस्लमानों के गठजोड़ से चुनाव में जीतकर पहली बार लोकसभा की दहलीज पर पहुंचीं.
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