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‘आख़री हिचकी तिरे ज़ानूं पे आए…’ पढ़ें क़तील शिफ़ाई के चुनिंदा शेर
‘मिरे राहबर मुझ को गुमराह कर दे…’ पढ़ें ख़ुमार बाराबंकवी के सदाबहार शेर
रोज मुल्तानी मिट्टी लगाते हैं तो ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी
पुराने लुक कहें बाय, पहनें यह फैंसी डिजाइन की सलवार; बढ़ाएंगी सूट की शोभा
‘ला हुआ कि कोई और मिल गया तुम सा…’ पढ़ें ख़लील-उर-रहमान आज़मी के चुनिंदा शेर
‘मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है…’ पढ़ें जोश मलीहाबादी के दिल जीत लेने वाले शेर
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